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भोला पासवान शास्त्री पार्क पर सिर्फ राजनीति हुई विकास की किसी ने सुधि नहीं ली - नीलेश

काझा कोठी गांव स्थित पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री के नाम से बने पार्क जीर्णोद्धार की बाट जोह रहा है । बताते चले कि आजादी से पूर्व यहाँ अंग्रेज सर्किट हाउस में रहकर यहाँ के लोगों से नील खेती का काम करवाते थे । धमदाहा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत काझा कोठी गांव के लोग सम्पन्न एवं बुद्धिजीवी माने जाते थे । परन्तु वर्षो बाद आज पूर्व की तरह काझा कोठी नहीं रहा । पूर्णिया जिला का ऐतिहासिक पार्क जिसका परिक्षेत्र किसी आधुनिक पार्क से कम नहीं है । कुछ वर्ष पूर्व पूर्णिया जिले वासियो के लिए पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने पार्क की आधुनिकीकरण के लिए चार करोड़ का पैकेज दिया । जिससे ऐसा लगा कि कुछ दिनों के लिए पार्क को आधुनिकीकरण किया गया है परन्तु समय बीतते ही पार्क की स्थिति नारकीय होती गई

कांग्रेस नेता नीलेश कुमार का मानना है कि पूर्व मुख्यमंत्री के सौजन्य से पार्क को दुल्हन के तरह सजाया गया था जिसे देखने दूसरे जिले से पर्यटक आते थे और इसकी गाथा होती थी । लोग यहाँ  शौक से पिकनिक करने नए शादी जोड़े घूमने आते थे । पार्क के अंदर वाकिंग पेड, तरह-तरह के रंग बिरंगे झूले प्राकृतिक की छटा को झकझोरती रंग बिरंगी फूल पत्तियां के अलावा नदी जिसमें बोटिंग की सुविधा होती थी । पार्क की सुरक्षा के लिए चारों तरफ बाउंड्रीवाल के अलावा 4-5 गार्ड हुआ करते थे । परन्तु कुछ दिन बीतने के बाद जिला प्रशाषन एवं स्थानीय प्रशासन की लापरवाही की वजह से यह जगह फिर से नारकीय हो गया । शायद इसलिए कि पार्क किसी महादलित के नाम से था

नीलेश ने बताया कि काझा गांव के आसपास के शरारती एवं उच्चको के कारण यह पार्क एक बार फिर बद से बदतर हो गया । पार्क के चारों ओर की बाउंड्री में जर्जर हो गई है शायद इसिलिय की स्थानीय अपराधी किस्म के लोगों द्वारा बाउंड्री के चारों ओर दर्जनों चोर रास्ते बना दिए गए हैं। जिसके द्वारा प्रतिदिन सैकड़ो युवक पार्क में आकर नशापान एवं आपराधिक काम करते हैं । क्योंकि अब मात्र एक गार्ड गोपाल राम रह गया जिसे स्थानीय लोगों का हमेशा डर बना रहता है। यदि यह गार्ड भी भाग गया तो शायद पार्क में आये दिन प्रतिदिन आपराधिक घटनाएं जन्म लेगी बताते चले कि लोकडॉन अवधि में जहां पार्क को पूर्णतः सील किया गया था वहीं काझा कोठी के महादलित परिवार के एक युवक की मौत पार्क के नदी में तैरने से होने की बात प्रकाश में आया था । युवक की हत्या कर फेंक दिया गया या फिर डूबने से मौत हुआ। इन सब बातों का पता तब चलता जब पार्क सुसज्जित हो, चारों तरफ सीसीटीवी कैमरा हो 

स्थानीय ग्रामीणों में मनीष यादव, कुमोद पासवान, जितेन्द्र साह, नीलेश कुमार ने बताया कि बिहार सरकार हर घर शौचालय की बात करती है वहीं पार्क के अंदर हर जगह मल मूत्र पसरे हुए हैं। इतना ही नहीं पार्क में गुटबाजी होने के कारण अब लोग आने से डरते हैं। बिहार के पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि के रहने के बावजूद पार्क अपनी जीर्णोद्धार की आंसू रोता रहा परन्तु इस विधानसभा की विधायक का भी ध्यान इस और नहि गया। पार्क के अंदर मुस्लिमो के आस्था के लिए मजार बनाया गया है वहीं हिंदुओ की आस्था के लिए मन्दिर बनाया गया है। स्थानीय मनीष यादव का मानना इन दोनों सम्प्रदाय के लोग दर्शन के बहाने पार्क की गरिमा को धूमिल कर दिया है यदि पार्क  से इन दोनों आस्था केन्द्र को हटा दिए जाएं तो समस्या खुद भार जाएगी ।




Admin(एडमिन)

by Cityhalchal