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परिवार नियोजन कार्यक्रम को सफल बनाने में पुरुषों की भागीदारी जरूरी : सिविल सर्जन

जनसँख्या नियंत्रण के मुद्दे पर माननीय सर्वोच्च नायालय के निर्देश के आलोक में भारत सरकार द्वारा मिशन परिवार विकास अभियान की शुरुआत की गयी है | यह अभियान जिले में 14 जनवरी से शुरू हो चुका है जो 31 मार्च तक चलेगा | उक्त बातें सिविल सर्जन डॉ. अवधेश कुमार ने बुधवार को जिले के एक होटल में सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च एवं केयर इंडिया के सहयोग से मिशन परिवार विकास अभियान विषय पर जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा आयोजित मीडिया कार्यशाला के दौरान कही | मिशन परिवार विकास अभियान के तहत जिले में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है | कार्यशाला का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ अवधेश कुमार के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया | सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के राज्य कार्यालय से ए.एस.पी.एम. रंजीत कुमार के द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया गया |सिविल सर्जन ने बताया कि अभियान के दौरान आमजन में जागरूकता लाने के लिए सही उम्र में शादी, शादी के बाद कम से कम 2 साल के बाद पहला बच्चा, दो बच्चों में कम से कम 3 साल का अंतराल व प्रसव के बाद या गर्भपात के बाद परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों पर जोर दिया जाएगा

परिवार नियोजन कार्यक्रम में सीएस ने पुरुषों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया 

मौके पर सिविल सर्जन ने कहा मिशन परिवार विकास के तहत आयोजित कार्यक्रमों में पुरुष और महिला दोनों की सहभागिता होनी चाहिए। उन्होंने भारत एवं बिहार की  जनसँख्या के आंकड़ों पर चर्चा की और बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनसंख्या स्थिरता के लिए आम जनों को जागरूक करना और परिवार नियोजन कार्यक्रम से जुड़े चिकित्सकों तथा कर्मचारियों के कौशल विकास के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जाना है।  जानकारी दी गयी कि सभी प्रखंडों  में भी.एच.एस.एंड.डी. साइट के माध्यम से सभी सुविधाओं को प्रदान किये जाने की जानकारी भी प्रदान की गयी | उन्होंने  इस अभियान से जुड़े पदाधिकारी, कर्मी एवं सहयोगी संस्था के प्रतिनिधियों को परिवार नियोजन से जुड़े कार्यक्रम पर मन से क्रियान्वित करने पर जोड़ दिया

आयोजित होगा परिवार नियोजन मेला

सिविल सर्जन ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रखंड स्तर पर परिवार नियोजन मेला आयोजित किया जायेगा | यह मेला लोगों को परामर्श के साथ नि:शुल्क गर्भनिरोधक साधनों को उपलब्ध कराएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की सहभागिता भी अनिवार्य है | कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक रूप से प्रचार प्रसार भी किया जायेगा | इस अभियान के तहत परिवार नियोजन के लिए परामर्श देना, प्रसव पश्चात् स्वास्थ्य देखभाल, शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बच्चों में अंतराल हेतु जानकारी देना एवं इस्ससे सम्बंधित सभी सेवाओं को समेकित रूप से एक प्लेटफार्म पर लाया गया है | सिविल सर्जन ने बताया कि वर्तमान में बिहार में औसतन टी.एफ.आर. 4 बच्चे प्रति दंपत्ति हैं | टी.एफ.आर. घटाने के लिए लोगों को विभिन्न साधनों को अपनाना होगा | जनसँख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन कार्यक्रम एक कारगार माध्यम है | इससे होने वाले लाभों के बारे में सिविल सर्जन ने कहा कि परिवार नियोजन के निम्न फायदे हैं- 

बचत,शिक्षा,पोषण,सेहत (मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य),अनचाहे गर्भ की रोकथाम

किशोरियों में गर्भ धारण कम करना,बंध्याकरण पर मिलेगी  प्रोत्साहन राशि 

कार्यशाला में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों, स्थानीय वार्ड सदस्य, नगर परिषद् के प्रतिनधि एवं सभी चिकित्सा प्रभारियों को अभियान की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी | जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक विनय कुमार ने परिवार नियोजन स्कीम के सम्बन्ध में लाभार्थियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रोत्साहन राशि के बारे में बताया | उन्होंने बताया कि महिला बंध्याकरण पर सरकार द्वारा  3000 रुपये का प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है| साथ ही परिवार नियोजन को प्रोत्साहित करने वाले स्वास्थ्य पदाधिकारी एवं कर्मियों को भी प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान सरकार द्वारा किया गया है | केयर इण्डिया में डी.टी.एल. रोहित रैना के द्वारा पॉवर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परिवार नियोजन के लाभ एवं गर्भ निरोधक स्थायी एवं अस्थायी साधन सहित विभिन्न आयामों की जानकारी प्रतिभागियों को दी गयी | उनके द्वारा महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी, कॉपर-टी, गर्भ निरोधक इंजेक्शन एवं गोली, कंडोम एवं परामर्श आदि पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी

परिवार नियोजन के लिए उपलब्ध साधन को अपनाने के लिए महिलाओं को तोड़नी होगी झिझक  :

कार्यक्रम में राहुल किशोर, डी.सी.एम. द्वारा बताया गया कि परिवार नियोजन के लिए उपलब्ध साधन के उपयोग के बारे में बात करने में अभी भी लोगों खासकर महिलाओं को बहुत झिझक होती है | इसलिए इस अभियान के दौरान आशा दीदियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता के माध्यम से सुमदाय स्तर पर सास बहु सम्मलेन आयोजित कर परिवार नियोजन की जानकारी एवं सरकार द्वारा निःशुल्क प्रदान की जाने वाली सेवाओं की जानकारी उपलब्ध करायी जाएगी | दम्पत्तियों को बताया जायेगा कि दो बच्चों के बीच अंतराल रखने के लिए उपलब्ध साधन यथा गर्भनिरोधक गोली एवं इंजेक्शन, कॉपर-टी, बंध्याकरण की व्यवस्था क्या है और ऐसी गर्भनिरोधक कहाँ  से मिलेगा |  दरअसल  परिवार नियोजन के लिए निर्णय लेने में पुरुष देरी करते हैं इसलिए यह जरूरी है कि पुरुषों  को  सही समय पर उचित परामर्श दिया  | कार्यशाला आयोजन के मौके पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ कुमार विवेकानंद ने पुरुष नसबंदी के बारे में बताया कि परिवार नियोजन के लिए पुरुष नसबंदी के सम्बन्ध में अभी भी बहुत सारे मिथ हैं | उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन के लिए महिला बंध्याकरण के मामले ज्यादा होते हैं | परन्तु इसके लिए अब पुरुषों षो को भी आगे आने की जरूरत है | पुरुष नसबंदी सुरक्षित है इससे किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या नहीं होती है | वहीं ही जिला स्वास्थ्य समिति की  कंचन कुमारी, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समन्वयक द्वारा कार्यक्रम के तहत प्रखंडों  के द्वारा भेजी  जाने वाली  विभिन्न प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा की गयी 

कार्यशाला में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ साथ, सभी प्रखंड के चिकित्सा प्रभारी, यूनिसेफ के एस.एम.सी. बंटेश नारायण मेहता,यूएनडीपी के मोहम्मद मुमताज खालिद, केयर इंडिया के श्रवण कुमार राय, कुमार केशव एवं सीफार के डिविजनल समन्वयक युगेश्वर कुमार राजा एवं रवि कुमार के साथ-साथ जिला स्वास्थ्य समिति के अन्य कर्मी भी मौजूद रहे | 

बच्चों के जन्म में सही अंतराल के लिए उपलब्ध हैं  निम्न साधन, सभी साधन हैं निःशुल्क -स्थायी साधन - महिला नसबंदी एवं पुरुष नसबंदी अस्थ्याई साधन- कंडोम, दैनिक गर्भ निरोधक गोली -28 गोली, -साप्ताहिक गर्भ निरोधक गोली (छाया-पहला तीन महीने हर हप्ते 2 गोली, तीन महीने के बाद मात्र 1 गोली एक हप्ते में), गर्भनिरोधक इंजेक्शन (अन्तरा- सबसे प्रभावशाली गर्भ निरोधक) — अंतरा बंद करने के बाद 7 महीने के बाद महिला फिर से गर्भधारण  करने की स्थिति में पुनः आ जाती है | कॉपर टी (आई.यु.सी.डी.) — 5 साल एवं 10 साल के लिए प्रभावशाली आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली (ईजी) — 72 घंटे (तीन दीन) के अन्दर खायी जाने वाली दवा  |  निश्चय किट (प्रेगनेंसी चेक हेतु )




Abhinav Anand Balmukund

by Cityhalchal